विश्व प्रसिद्ध पुष्कर पशु मेले में ऊंटों की आमद सबसे ज्यादा, अश्व व्यापारी पहुंचे पंजाब-हरियाणा से

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अजमेर। विश्व प्रसिद्ध पुष्कर पशु मेला की रौनक एक बार फिर लौट आई है। जैसे ही मेला शुरू हुआ, पशुओं की आमद ने रफ्तार पकड़ ली है। अभी तक कुल 348 पशुओं का पंजीयन दर्ज किया गया है, जिनमें सबसे अधिक 281 ऊंट, 66 अश्व (घोड़े-घोड़ियां) और एक बैल शामिल हैं। इस बार भी ऊंटों की संख्या सबसे ज्यादा बनी हुई है।

मैदान में दूर-दूर तक ऊंटों की कतारें और अश्वों के आलीशान टेंट दिखाई देने लगे हैं। पशुपालक अपने घोड़े-घोड़ियों को धूप से बचाने के लिए बड़े-बड़े टेंट लगा रहे हैं। मेला स्थल पर अब गतिविधियां तेज हो गई हैं और रेतीले मैदान में पशु व्यापार की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं।

शुरुआती दो दिनों में ऊंटों की आमद सबसे ज्यादा रही है। देशभर से पशुपालक अपने ऊंट लेकर पुष्कर पहुंच रहे हैं। वहीं, अश्व वर्ग में अब तक 66 घोड़े और घोड़ियां पहुंच चुकी हैं, जिनमें से 41 राजस्थान के बाहर से आए हैं।

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पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के अन्य राज्यों से व्यापारी अच्छी नस्ल और बेहतरीन कद-काठी वाले अश्व लेकर मेले में पहुंचे हैं। मैदान में अश्वों के लिए विशेष टेंट और सजावट की गई है। ब्रह्मा मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से मंदिर परिसर को विशेष फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। शाम ढलते ही पूरा क्षेत्र रोशनी से नहाने लगा है। पर्यटक यहां बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं और मेले के धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल का आनंद ले रहे हैं।

रेतीले धोरों पर ऊंटों की आवाजाही, सैंड आर्ट और लोक संगीत का संगम मेले को जीवंत बना रहा है। मेला शुरू होते ही प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पांच दिन की वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू कर दी है। शहर के सभी प्रवेश मार्गों पर पशु पंजीकरण चौकियां स्थापित की जा रही हैं, ताकि मेले में आने वाले पशुओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके। ऊंटों की घंटियों की झंकार और घोड़ों की टापों के साथ पुष्कर एक बार फिर देशी-विदेशी पर्यटकों से गुलजार हो उठा है।

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